बिम्सटेक शिखर सम्मेलन

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बिम्सटेक BIMSTEC (Bay of Bengal Initative for Multi Sectoral Technical and Economic Cooperation) का चौथा शिखर सम्मेलन 30-31 अगस्त, 2018 को काठमांडु, नेपाल में सम्पन्न हुआ, जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी भाग लिया। सम्मेलन में श्रीलंका को नया अध्यक्ष चुना गया। सम्मेलन में सदस्य देशों ने निम्न बिन्दुओं पर प्रतिबद्धता जताई-

  1. बैंकाक घोषणा पत्र के शामिल बिम्सटेक के उद्देश्यों व सिद्धान्तों के प्रति सदस्य देशों ने प्रतिबद्धता जताई।
  2. गरीबी उन्मूलन को सबसे बड़ी क्षेत्रीय चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए वर्ष 2030 तक सतत् विकास एजेंडे की दिशा में मिलकर काम करना।
  3. क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिए व्यापार और निवेश को प्रमुख कारक के रूप में स्वीकार किया गया।
  4. आतंकवाद को बड़ा खतरा मानते हुए आतंकी संगठनों और उनके समर्थकों की पहचान करके उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
  5. बिम्सटेक मुक्त व्यापार क्षेत्र (FTA) की बातचीत को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
  6. भारत ने दिसम्बर, 2018 में बिम्सटेक स्टार्ट-अप सभा आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी सदस्य देशों ने स्वीकार किया।
  7. आपदा प्रबंधन हेतु सूचनाओं के आदान-प्रदान किए जाने पर सदस्य देशों के बीच सहमति बनी। बंगाल की खाड़ी क्षेत्र की प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के लिए अन्तर सरकारी विशेषज्ञ समूह की स्थापना का निर्णय भी किया गया।
  8. ऊर्जा के व्यापार के लिए बिम्सटेक ग्रिड इंटरकनेक्शन सम्बन्धी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
  9. वर्ष 2019 में कृषि पर प्रथम बिम्सटेक मंत्रिस्तरीय बैठक म्यांमार में और जलवायु स्मार्ट कृषि प्रणालियों पर बिस्टेक गोष्ठी भारत में आयोजित करने का निर्णय किया गया
  10. नेपाल द्वारा वर्ष 2020 में बिम्सटेक पर्यटन सम्मेलन की मेजबानी की घोषणा का सभी सदस्य देशों ने स्वागत किया।
  11. सदस्य देशों ने सतत् विकास के लिए नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) पर सहयोग किए जाने पर भी सहमति जताई। नीली अर्थव्यवस्था के अन्तर्गत वह आर्थिक गतिविधि शामिल होती है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से महासागरों और समुद्री उत्पाद, वस्तुओं और सेवाओं के सम्बन्ध् में संचालित होती है।