Government Initiative for Skill Development (कौशल विकास हेतु सरकारी पहल)

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कौशल विकास हेतु सरकारी पहल (Government Initiative for Skill Development):- 9 नवम्बर, 2014 को सरकार ने ‘कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग’ का ‘कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय’ के रूप में प्रोन्नयन किया, जो देशभर में विभिन्न योजनाओं और संगठनों के माध्यम से बड़े पैमाने पर कौशल विकास कार्यक्रम संचालित कर रहा है। कुशल जनशक्ति तैयार करने के उद्देश्य से वर्ष 2017 से ‘कौशल विकास पहल योजना’ शुरू की गई है। इसके अलावा मंत्रालय राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना भी चला रहा है। मंत्रालय प्रशिक्षार्थियों को सीएसी मशीनिंग, आटोमोटिव तकनीक, वेल्डिंग, प्लंबिंग निर्माण जैसे विशेषज्ञता वाले क्षेत्रें में कौशल निखार हेतु देशभर में भारतीय कौशल संस्थान स्थापित कर रहा है और ऐसा पहला संस्थान कानपुर में स्थापित किया गया है। कौशल सुदृढ़ीकरण के लिए विश्व बैंक के वित्त पोषण से ‘स्ट्राइव परियोजना’ नवम्बर, 2016 में शुरू की गई है। इसके अलावा विश्व बैंक की सहायता से ‘व्यावसायिक प्रशिक्षण सुधार परियोजना’ भी चलाई जा रही है।

देश में कुशल जनशक्ति और नियोजनीय युवाओं हेतु प्रशिक्षण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए समर्पित प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) देश में व्यावसायिक प्रशिक्षण नीति का निर्माण, योजना कार्यान्वयन, पाठ्यक्रम, मानक निर्धारण, प्रमाणन और समन्वय का शीर्ष संगठन है। इसके अधीन 13924 आईटीआई, 31 केन्द्रीय संस्थान, 12 निजी प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण संस्थान, 6 प्रशिक्षुता प्रशिक्षण क्षेत्रीय निदेशालय सहित कई राज्य व संगठन स्तरीय संस्थान कार्यरत हैं। मंत्रालय ने 4 जनवरी, 2017 से ‘भारतीय कौशल विकास सेवा’ भी शुरू की है। भारतीय उद्यमशीलता संस्थान अपने 7 शाखा कार्यालयों के साथ देशभर में कौशल प्रशिक्षण, आजीविका और उद्यमशीलता परियोजनाओं का संचालन कर रहा है।

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) 21 उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रें और असंगठित क्षेत्र पर ध्यान केन्द्रित कर रहा है और इसका लक्ष्य वर्ष 2022 तक 15 करोड़ भारतीयों को कुशल बनाना है। NSDC गृह मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित जम्मू-कश्मीर के शिक्षित बेरोजगारों युवाओं को कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘उड़ान’ योजना चला रहा है।

देश में दक्ष एवं कुशल श्रमशक्ति की कमी को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन के तहत वर्ष 2020 तक 40 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित करने हेतु क्षमताओं का सृजन किया जाएगा। भारत सरकार ने 13 दिसम्बर, 2017 को विश्व बैंक के साथ 250 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो 19 जनवरी, 2018 से प्रभावी हुआ। इसके वित्तीयन से 6 वर्षों के लिए आजीविका उन्नयन हेतु ‘कौशल अर्जन एवं ज्ञान जागरूकता (संकल्प) योजना’ शुरू की गई है।

18 सितम्बर, 2018 को फिल्म अभिनेता वरुण धवन और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा को कौशल भारत अभियान का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया हैं।