Rajasthan Schemes and Programs

Schemes and programs

नियमित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम
यह RSLDC के द्वारा प्रायोजित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम एक लघु अवधि का आजीविका आधरित प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में निगम से सूचीबद्व संस्थानों के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, दिव्यांगजनों, कारागार बन्दियों, नारी निकेतनों की महिलाओं एवं बाल सुधर गृहों के बच्चों को कौशल प्रशिक्षण देकर आजीविका अर्जन के योग्य बनाना है। प्रशिक्षण के बाद कम से कम 50 प्रतिशत लाभान्वितों को रोजगार अथवा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।

रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम

वर्ष 2012 में लागू हुई इस योजना का उद्देश्य कौशल विकास के साथ युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। इसके अन्तर्गत विशेष दक्षता कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री शहरी रोजगार योजना का क्रियान्वयन किया जाता है। प्रशिक्षण के बाद कम से कम 70 प्रतिशत युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना
यह केन्द्र के ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से ग्रामीण क्षेत्रा के गरीब युवाओं के कौशल विकास एवं रोजगार के लिए वर्ष 2014-15 से क्रियान्वित की गई। इसके अन्तर्गत वर्ष 2016 से 2019 तक प्रदेश के एक लाख पन्द्रह हजार आठ गरीब ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिए जाने का लक्ष्य रखा गया। इसके पात्र लाभार्थियों की आयु 15 से 35 वर्ष के बीच रखी गई है।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
केन्द्र के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने RSLDC को प्रधनमंत्राी कौशल विकास योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 65 हजार युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य दिया है। योजना के अन्तर्गत 123 कौशल विकास केन्द्र खोलने की स्वीकृति मिली है, जिसमें से 12 शुरू किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्राी कौशल अनुदान योजना

इस योजना के अन्तर्गत उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए बैंक लोेन पर युवाओं को विभाग द्वारा 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाता है। महिलाओं, विशेष योग्यजन तथा गरीबों के लिए ब्याज पर 6 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है।