ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास योजना

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प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY):- 2015 में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) शुरू की गई। इसका उद्देश्य रोजगार पाने के इच्छुक युवाओं को लघुकालीन प्रशिक्षण देना एवं वर्तमान श्रमशक्ति को मान्यता प्राप्त एवं संबंद्ध प्रशिक्षण सहयोगी/प्रशिक्षण केन्द्रों के माध्यम से उनकी पूर्व अध्ययन मान्यता को मान्य करते हुए उन्हें रोजगार दिलवाना है।

ब्रू परियोजना:- इस परियोजना का उद्देश्य मिजोरम की ब्रू जनजाति का कौशल उन्नयन करना है जिसे विस्थापन के कारण उत्तरी त्रिपुरा में स्थित आंतरिक विस्थापित केन्द्रों में रहना पड़ रहा है।

कतकरी मूल आदिवासी जनजाति:- इस परियोजना का लक्ष्य महाराष्ट्र की कतकरी जनजाति के 1020 युवाओं का कौशल उन्नयन करना है।

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY):- (DDU-GKY) निर्धन ग्रामीण युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर श्रमशक्ति बाजार के अनुरूप तैयार करने की प्लेसमेंट से जुड़ी कौशल विकास की सशक्तीकरण योजना है।

ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSET):- ग्रामीण युवाओं की पारिवारिक आय में विविधता लाने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास मंत्रालय ने RSET योजना चलाई। RSET एक त्रिमार्गी योजना है जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय, राज्य सरकारों और बैंक मिलकर चलाते हैं।

भारतीय कौशल संस्थान (IIS):- आईआईटी सिंगापुर की तर्ज पर देश के पांच क्षेत्रों में आधुनिकतम उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं। मुम्बई में टाटा समूह के सहयोग से देश का पहला IIS निर्मित किया जा रहा है। यह IIS ऊर्जा सक्षम निर्माण, औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं ऑटोमेशन जैसे उच्चस्तरीय पाठ्यक्रमों में ‘हैड्स-ऑन’ प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

उड़ान (UDAAN):- उड़ान जम्मू-कश्मीर राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए चलाई जा रही अनूठी पहल है। इस योजना का उद्देश्य स्नातक/स्नातकोत्तर एवं त्रिवर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमाधरी युवाओं के कौशल और रोजगार क्षमता को बढ़ावा देकर उन्हें निजी क्षेत्र के उपक्रमों में रोजगार दिलवाना है।

हिमायत:- जम्मू-कश्मीर के बेरोजगार युवाओं विशेषकर बीच में ही स्कूली/कॉलेज शिक्षा छोड़ देने वाले युवकों के लिए बनाया गया प्रशिक्षण सह-प्लेसमेंट कार्यक्रम है। इसके अन्तर्गत युवाओं को उन कौशल कार्यक्रमों के लिए तीन माह की लघु अवधि वाले प्रशिक्षण दिए जाते हैं जिनकी बाजार में अच्छी मांग है।

ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार सृजन:- सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) क्रियान्वित किया जा रहा है। यह एक ऋण सम्बद्ध अनुदान कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य परम्परागत हस्तकला वाले कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को सहायता देकर गैर कृषि क्षेत्र में लघु उद्योगों की स्थापना कर स्वरोजगार का सृजन करना है।

अप्रेल, 2016 में स्टैंडअप योजना शुरू की गई। इसके अन्तर्गत व्यावसायिक बैंकों द्वारा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के कम से कम एक व्यक्ति व कम से कम एक महिला को 10 लाख से एक करोड़ रुपए तक का ऋण विपणन, सेवाओं अथवा वस्तुओं के उत्पादन क्षेत्र में हरित क्षेत्र उद्योग लगाने के लिए दिया जाता है।

वर्ष 2015 में गैर कृषि क्षेत्र में उद्योग लगाने अथवा व्यावसायिक कार्य हेतु ऋण प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना शुरू की गई।

प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारी पेंशन योजना के अन्तर्गत आने वाले ऐसे नई भर्ती वाले कर्मचारी जिनकी मासिक आय 15,000 रुपए तक है, के लिए नियोक्ता द्वारा किए जाने वाले अंशदान का भुगतान तीन साल तक सरकार द्वारा किया जाता है।