Freedom in the World 2021 – Democracy under Siege (International News)

Freedom in the World 2021 – Democracy under Siege

सुर्ख़ियों में- Freedom in the World 2021 – Democracy under Siege

हाल ही में फ्रीडम हाउस जो अमेरिकी का थिंक टैंक है, के द्वारा Freedom in the World 2021 – Democracy under Siege शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की गयी है।

Freedom in the World 2021 – Democracy under Siege के निष्कर्ष-

  • भारत को ‘आंशिक रूप से स्वतंत्र’ (Partly Free) देश के रूप में वर्गीकृत किया गया है। रिपोर्ट में क़हा गया है कि भारत में लोगों की स्वतंत्रता पहले से कुछ कम हुई है।
  • इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत की स्थिति में जो बदलाव आया है, वह वैश्विक बदलाव का ही एक हिस्सा है।
  • इस रिपोर्ट में भारत को 100 में से 67 नंबर दिए गए हैं जबकि पिछले साल भारत को 100 में से 71 नंबर दिए गए थे।

रिपोर्ट में भारत की गिरावट के कारण-

  • सरकार और उसके सहयोगी पार्टियों की ओर से आलोचकों पर शिकंजा कसना।
  • प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश में वृद्धि होना।
  • आलोचनात्मक लोगों व मीडिया की आवाज को शांत करने के लिए सुरक्षा, मानहानि, और अदालती कानूनों की अवमानना का इस्तेमाल करना।
  • मीडिया और मीडिया आउटलेट्स द्वारा ने जनता के विश्वास को क्षति पहुचाना।
  • राजनेताओं, व्यापार अधिकारियों और लॉबिस्टों के बीच घनिष्ठ संबंधों को बढ़ना।

चीन की स्थिति

  • चीन को लोकतंत्र और नागरिकों की आजादी के मामले में सबसे बुरा देश बताया गया है।
  • चीन को ‘स्वतंत्र नहीं’ (Not Free) देश के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
  • चीन को 100 में से 9 नंबर दिए गए हैं।

देशों की रैंकिंग के मापक-

  • इस में मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के मापकों का उपयोग किया जाता है।
  • इसके तहत प्रति व्यक्ति के लिए प्राप्त अधिकारों और स्वतंत्रता का आकलन किया जाता है।

रिपोर्ट के विषय क्षेत्र-

  • सरकार का कार्य
  • अभिव्यक्ति और विश्वास की स्वतंत्रता
  • चुनावी प्रक्रिया
  • राजनीतिक बहुलवाद और भागीदारी
  • व्यक्तिगत स्वायत्तता और व्यक्तिगत अधिकार
  • एसोसिएशन और संगठनात्मक अधिकार
  • कानून का शासन