Re-Launching of Refinery in Pachpadra

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16 जनवरी, 2018 को बाड़मेर के पचपदरा में रिफाइनरी की री-लाॅन्चिंग की। यह राजस्थान सरकार और एचपीसीएल की संयुक्त परियोजना है। यह रिफाइनरी वर्ष 2022-23 तक बनकर तैयार हो जाएगी।

43,219 करोड़ रुपए की लागत वाली में इस परियोजना में यह प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा निवेश होगा। इससे प्रदेश को 34,000 करोड़ की अतिरिक्त आय होगी। यह पब्लिक सेक्टर में देश का पहला इन्टिग्रेटिड रिफाइनरी व पेट्रोकेमिकल काॅम्पलेक्स होगा। कार्यक्रम में केन्द्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और कौशल विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने प्रदेश में स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना की घोषणा भी की। साथ ही लुप्त सरस्वती नदी को खोजने के प्रयास तेज करने को कहा। प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन में बाड़मेर के संत मल्लिनाथ, तुलसाराम, ईश्वरदास, नागणेची माता, भटियाणी माता आदि को नमन किया। प्रधानमंत्री ने बाड़मेर के स्वतन्त्रता सेनानी गुलाबचन्द सालेचा का भी नाम लिया जिन्होंने नमक सत्याग्रह में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि आने वाले एक साल में 2255 मेगावाट के सौर ऊर्जा उत्पादन के साथ ही भड़ला विश्व का सबसे बड़ा सोलर पार्क बन जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसलमेर के नोख में 1 हजार मेगावाट के अन्य सोलर पार्क की स्थापना की जाएगी। राजे ने कहा कि हमने पोकरण-फलसूण्ड-बालोतरा-सिवाना लिफट प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी, अब इसे सितम्बर, 2018 तक पूरा कर जैसलमेर और बाड़मेर के 580 गांवों तथा बालोतरा और सिवाना कस्बों को मीठा पानी उपलब्ध कराया जाएगा।